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“...पाठशाला का दर्द (3 नो. ग्राम (बासंती नगर )...”

“...पाठशाला का दर्द  (3 नो. ग्राम (बासंती नगर )...” एक गंभीर चिंतन बासंती नगर के सरपंच , गोकुल , आदरणीय आध्यापको , सम्माननिया ग्रामवासिओ और आचार्य श्री  ओम् प्रकाश आर्य जी के द्वारा और सब ने अपना अपना योगदान दिया (धनराशी के रूप में उनके सामर्थ्य के अनुसार) पाठशाला के लिए जिनमे बच्चो  को उत्तम से उत्तम शिक्षा , वातावरण ,योग, ध्यान ,और संगीत की कक्षा के लिए ... इस कार्यक्रम में तीव्र खंडन किया गया उन स्कूलो  (जो की नज़रुल नगर में है और बच्चो को किसी प्रकार की नैतिक शिक्षा  ना देकर नाम मात्रा का पढ़ाते है और पैसा और रुपया का को पहचानते है , और विद्या को व्यवसाय करते है ) के मुँह पर जोरदार तमाचा  है...  आप इस्सको youtube में भी देख सकते है लिंक मैंने नीचे दे दिया है ....! 👇👇👇👇 https://youtu.be/fAu322mGehc 🔥🔥“...THE PAIN OF THE SCHOOL ”  (VILLNO .3 basanti nagar) ...”🔥🔥🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪 A Deep DISCUSSION BY SARPANCH GOKUL( BASANTI NAGAR ), RESPECTED SIR’S , RESPECTED VILLAGE PEOPLE , MPTC AMIT DAS ,RAKESH MISTRY(EX SARPANCH OF NAZRUL...

नमन आपको 🙏🙏🙏🙏🙏 🔥

🔥स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता, चिन्तक , जुझारू निर्भीक व सत्य को द्रढ़ता से रखने की लिए पहचाने जाने वाले भाई राजीव दीक्षित जी 30 नवम्बर 2010 को भिलाई (छत्तीसगढ़ ) में शहीद हो गए। वे भारत स्वाभिमान और आज के स्वदेशी आन्दोलन के पहले शहीद हैं। राजीव भाई भारत स्वाभिमान यात्रा के अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रवास पर थे। 1 दिसंबर को अंतिम दर्शन के लिए उनको पतंजलि योगपीठ में रखा गया था। राजीव भाई के अनुज प्रदीप दीक्षित और परमपूज्य स्वामीजी ने उन्हें मुखाग्नि दी। राजीव भाई के बारे में राजीव भाई पिछले बीस वर्षों से बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बहुराष्ट्रीय उपनिवेशवाद के खिलाफ तथा स्वदेशी की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे थे। वे भारत को पुनर्गुलामी से बचाना चाहते थे। उनका जन्म उत्तरप्रदेश अतरौली जिले के नाह नाम के गाँव मे 30 नवम्बर 1967 को हुआ। उनकी प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा फिरोजाबाद में हुयी उसके बाद 1984 में उच्च शिक्षा के लिए वे इलाहबाद गए। वे सैटेलाईट टेलीकम्युनिकेशन के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते थे लेकिन अपनी B.Tech की शिक्षा बीच में ही छोड़कर देश को विदेशी कंपनियों की लूट से मुक्त करा...

पाँचमहायज्ञ

ये यज्ञ विश्वशान्ति के लिए किया गया , जैसे मैंने पहले ही विडियो के डिस्करीपशान मे लिख दिया है , और यज्ञ जो है वो पाँचमहायज्ञ है , यदि समय है तो ध्यान से सुने , मै यज्ञपर एक विशेष विडियो भी बना रहा हु , कार्य चल रहा है जिस का लिंक मै आपको शीघ्र ही प्रेषित करूंगा   , तो सुनिए , जिसमे प्रथम है (1) ब्रम्हायज्ञ(जिसमे परमपितापर्मात्मा की उपासना , ध्यान , चिंतना और मनन आदि किया जाता है ) , (2) द्वितीय है देवयज्ञ (जिसे अग्निहोत्र भी कहते है(जो की उस दिन हमने किया था विडियो मे ) जिसमे अपने द्वारा हम जो माल और मूत्र आदि प्रदूषित प्रदर्थ का विसर्जन/त्याग करते है उसकी निवारण के लिए एवं क्या है की ईशवर न्यायकारी है यानि किसी के साथ अन्याय नहीं करता है , हम जो कर्म करते है उसी के अनुसार फल भी देता है   यदि हम अशुभ करेंगे इस पृथिवि (यानि हमारा घर है , हम जो घर मे रहते है वो तो है भी एवं ये भी है ,) को जी गंदा करते है तो उसस अशुभ कर्मो का फल भी देने वाला है (यानि दण्ड ,), और यदि हम शुभ कर्म करते है तो उस शुभ कर्म का फल भी शुभ ही देता है इस लिए परमपितापर्मात्मा को (ईशवर न्यायकारी...

🔥🔥" जय श्री राम , जय श्री राम , जय श्री राम , "🔥🔥

🔥🔥" जय श्री राम , जय श्री राम , जय श्री राम , "🔥🔥 एक ईतिहास बन गया , गत 500 साल बाद , ये फैसला ,  असलियत(सच्चाई)_ क्या है ,...? श्री ओम् प्रकाश आर्य जी , निर्मल आर्य जी और (मै) कुणाल सरकार , आप इस्सको youtube में भी देख सकते है लिंक मैंने नीचे दे दिया है ....! 👇👇👇👇 https://youtu.be/2tlMKUi5Nbc YOU CAN ALSO SEE THIS VIDEO IN YOUR OFFICIAL YOUTUBE CHANNEL , LINKS ARE BELOW YOU CAN SEE THIS.." 👇👇👇👇 https://youtu.be/2tlMKUi5Nbc

युगप्रवर्तक , वेदुधारक , धर्मधुरंधर , आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक ,श्री महर्षि दयानन्द सरस्वती , जी की निर्वाण दिवस पर

युगप्रवर्तक , वेदुधारक , धर्मधुरंधर  , आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक ,श्री महर्षि दयानन्द सरस्वती , जी की निर्वाण दिवस . दयानन्द सरस्वती Jump to navigation Jump to search स्वामी दयानन्द सरस्वती जन्म मूलशंकर  तिवारी  /  ब्रह्मचारी  जैसा शुद्ध चैतन्य 12 फ़रवरी 1824 टंकारा ,  गुजरात मृत्यु 30 oct 1883  अजमेर ,  राजस्थान गुरु/शिक्षक विरजानन्द दण्डीश दर्शन वेदों की ओर चलो   आधुनिक भारतीय दर्शन खिताब/सम्मान सिन्धी मारहू भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रणेता धर्म हिन्दू दर्शन वेदों की ओर चलो   आधुनिक भारतीय दर्शन राष्ट्रीयता भारतीय स्वामी दयानन्द सरस्वती महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती  ( १८२४- १८८३ ) आधुनिक  भारत  के महान चिन्तक, समाज-सुधारक व देशभक्त थे। उनका बचपन का नाम 'मूलशंकर' [1]  था। वे महान ईश्वर भक्त थे, उन्होंने मुंबई में एक [समाज]] सुधारक संगठन -  आर्य समाज  की स्थापना की। वे एक संन्यासी तथा एक महान चिंतक थे। उन्होंने  वेदों  की सत्त...