#आज है गीता जयंती
..." TODAY IS GITA JAYANTI" ...!
जानिए क्या है गीता जयंती ..?
क्या है इस्सका महत्व ..?
कुरु क्षेत्र की युद्धभूमि में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश
दिया था वह श्रीमद्भगवदगीता के नाम से प्रसिद्ध है। यह महाभारत के भीष्मपर्व का अंग
है। गीता में १८ अध्याय और 720 श्लोक हैं।
गीता जयंती के दिन श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया जाता है और
देशभर में भगवान कृष्ण और गीता की पूजा की जाती है. बता दें, श्रीमद्भगवद्गीता
में कुल 18 अध्याय हैं, जिनमें 6 अध्याय कर्मयोग, 6 अध्याय ज्ञानयोग
और आखिर के 6 अध्याय भक्तियोग
पर आधारित हैं. इसी गीता के अध्यायों से ही श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिए थे.
भागवत गीता को हिंदू धर्म में सर्वोपरि माना गया है। मार्गशीर्ष
माह की एकादशी के दिन गीता के उपदेश भगवान कृष्ण ने पांडव पुत्र अर्जुन को दिए थे।
इस दिन के लिए मान्यता है कि कुरुक्षेत्र की भूमि पर जब अर्जुन ने शत्रुओं को देखकर
वो विचलित हो गए और उन्होनें शस्त्र उठाने से मना कर दिया। उस समय भगवान कृष्ण ने अर्जुन
को मनुष्य धर्म और कर्म का उपदेश दिया। गीता में भगवान कृष्ण के दिए हुए मानव और उसके
कर्म से जुड़े उपदेश लिखे हुए हैं। माना जाता है कि कुरुक्षेत्र की भूमि पर ही गीता
का जन्म हुआ था। गीता का जन्म लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व हुआ था।
गीता का महत्व है कि वो आत्मा और परमात्मा के रुप को हमारे सामने
रखती है। कृष्ण के उपदेशों को प्राप्त करने के बाद अर्जुन को ज्ञान की प्राप्ति हुई।
अर्जुन ने मानव के कर्म और धर्म के बीच की उस व्याख्या को समझा। गीता के उद्देश्यों
से मनुष्यों को उचित बोध की प्राप्ति होती है, माना जाता है कि गीता की उत्पत्ति इसलिए हुई क्योंकि कलयुग में
भगवान और मनुष्य एक साथ धरती पर नहीं हो सकते और इस दौरान उन्हें सही-गलत मार्ग के
बारे में समझाने के लिए गीता की उत्पत्ति हुई।
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